New Delhi News-जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़ी 13 FIR रद्द करना चाहती है दिल्ली पुलिस, सुप्रीम कोर्ट में 1 सितंबर को सुनवाई
New Delhi News: Delhi Police seeks to quash 13 FIRs related to the Jantar Mantar protest; Supreme Court hearing on September 1.
New Delhi News-जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़े मामलों में दिल्ली पुलिस ने दर्ज 13 एफआईआर को निरस्त करने की इच्छा जताई है। केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सोमवार को इस मामले का सुप्रीम कोर्ट के समक्ष उल्लेख किया और याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग की। इसके बाद कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए 1 सितंबर की तारीख तय की है।
मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष होने की संभावना है। दिल्ली पुलिस की ओर से प्रदर्शन के दौरान दर्ज की गई एफआईआर को वापस लेने का प्रस्ताव सामने आने के बाद अब इस पर शीर्ष अदालत का फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नीट पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर हुआ था प्रदर्शन
जानकारी के मुताबिक, नीट पेपर लीक के मुद्दे और तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने जून में जंतर-मंतर पर आंदोलन शुरू किया था।
पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन में शामिल होने के बाद आंदोलन को और गति मिली। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन किया।
संसद मार्च के दौरान लाठीचार्ज का आरोप
इसी आंदोलन के तहत 20 जुलाई को संसद मार्च का आयोजन किया गया था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर लाठीचार्ज किए जाने के आरोप भी सामने आए थे। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने आंदोलन से जुड़े कई मामलों में एफआईआर दर्ज की थी।
बाद में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आंदोलन वापस लिए जाने की बात सामने आई। अब दिल्ली पुलिस की ओर से 13 एफआईआर निरस्त करने की इच्छा जताए जाने के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है।
1 सितंबर को होगी सुनवाई
केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में मामले को मेंशन करते हुए 1 सितंबर को सुनवाई की मांग की। कोर्ट ने अनुरोध स्वीकार करते हुए मामले को मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है।
अब निगाहें सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और 13 एफआईआर को लेकर आने वाले निर्णय पर टिकी हैं।



