Siddharth Nagar News: सिद्धार्थनगर में ई-रिक्शा चालक हरिशचंद्र हत्याकांड का खुलासा, पत्नी और प्रेमी समेत चार गिरफ्तार
Siddharth Nagar News: इटवा थाना क्षेत्र में ई-रिक्शा चालक हरिशचंद्र अग्रहरि की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, हत्या की साजिश मृतक की पत्नी माया देवी ने अपने कथित प्रेमी नियाज अहमद के साथ मिलकर रची थी।
पुलिस ने मामले में माया देवी, नियाज अहमद, इरशाद और अब्दुल्ला को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि हरिशचंद्र की हत्या सुनसान स्थान पर चाकू से की गई। इसके बाद शव को बूढ़ी राप्ती नदी में फेंक दिया गया और ई-रिक्शा को सड़क किनारे लटकाकर घटना को हादसे का रूप देने की कोशिश की गई।
घरेलू विवाद के बाद हत्या की साजिश का आरोप
पुलिस के अनुसार, हरिशचंद्र को शराब की लत थी और वह अक्सर अपनी पत्नी माया देवी के साथ मारपीट करता था। पुलिस जांच में सामने आया कि घरेलू विवाद से परेशान माया देवी ने कथित तौर पर नियाज अहमद के साथ मिलकर पति की हत्या की योजना बनाई।
इसके बाद नियाज ने अपने दो साथियों इरशाद और अब्दुल्ला को हत्या के लिए तैयार किया।
1.10 लाख रुपये में दी गई थी हत्या की सुपारी
पुलिस के मुताबिक, हरिशचंद्र की हत्या के लिए 1 लाख 10 हजार रुपये में सौदा तय हुआ था। इसमें से 60 हजार रुपये एडवांस के तौर पर दिए जाने की बात सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने हरिशचंद्र को फोन कर ई-रिक्शा बुक किया। इसके बाद उसे सुनसान स्थान पर ले जाया गया। वहां चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी गई।
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शव नदी में फेंका, हादसे का रूप देने की कोशिश
हत्या के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर शव को बूढ़ी राप्ती नदी में फेंक दिया। पुलिस का कहना है कि इसके बाद ई-रिक्शा को सड़क किनारे इस तरह लटका दिया गया, जिससे प्रथम दृष्टया घटना दुर्घटना जैसी लगे।
मामले की जांच के दौरान पुलिस को घटना को लेकर संदेह हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद जांच को आगे बढ़ाया गया।
SOG और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए एसओजी और ढेबरुआ पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से जांच की। पुलिस ने 8 सितंबर 2026 को चारों आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू और मोबाइल फोन भी बरामद किया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक, सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
पुलिस टीम को मिला 20 हजार रुपये का पुरस्कार
हत्याकांड का खुलासा करने वाली पुलिस टीम की एसपी अभिषेक महाजन ने सराहना की। उन्होंने जांच में शामिल पुलिसकर्मियों को 20 हजार रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया।
पुलिस का कहना है कि मामले में सामने आए सभी तथ्यों और साक्ष्यों की जांच की जा रही है। हत्या की वजह और घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं को भी जांच में शामिल किया गया है।
घरेलू विवाद से जुड़ा मामला
पुलिस के अनुसार, यह हत्याकांड घरेलू विवाद और कथित अवैध संबंधों से जुड़ा है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान साक्ष्यों के आधार पर होगी।
पुलिस की कार्रवाई के बाद अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।



