Twisha Sharma Death: ट्विशा शर्मा मौत मामले में लापरवाही की पुष्टि, सबूतों की सुरक्षा में चूक पर पुलिस अधिकारी दंडित

फांसी में इस्तेमाल कथित बेल्ट की जब्ती और संरक्षण में बरती गई लापरवाही, जांच प्रक्रिया पर उठे सवाल

ट्विशा शर्मा मौत मामले में जांच के दौरान सबूतों के संरक्षण को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। इस मामले में पुलिस विभाग ने कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारी पर जुर्माना लगाया है। जांच में पाया गया कि कथित आत्महत्या में इस्तेमाल किए गए फंदे से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य को सुरक्षित रखने की प्रक्रिया का पूरी तरह पालन नहीं किया गया।

जानकारी के अनुसार, घटना के बाद जिस बेल्ट या कॉर्ड को कथित रूप से फांसी का माध्यम बताया गया, उसे जब्त तो कर लिया गया था, लेकिन उसकी जब्ती से संबंधित दस्तावेजों में उसका स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि उक्त बेल्ट कुछ समय तक सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज होने के बजाय एक पुलिस अधिकारी के निजी वाहन में रखी रही। इस वजह से साक्ष्य की सुरक्षा और जांच की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए।

मामले की समीक्षा के बाद पुलिस प्रशासन ने इसे गंभीर चूक मानते हुए संबंधित सब इंस्पेक्टर पर 5 हजार रुपये का आर्थिक दंड लगाया है। साथ ही विभागीय स्तर पर मामले की आगे भी जांच की जा सकती है।

जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि पोस्टमार्टम के समय कथित फंदे वाली बेल्ट मेडिकल टीम को उपलब्ध नहीं कराई गई थी। इसके कारण डॉक्टर फांसी के निशानों और कथित उपकरण के बीच वैज्ञानिक तुलना नहीं कर सके। बाद में बेल्ट को जांच प्रक्रिया में शामिल किया गया, लेकिन शुरुआती चूक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इससे पहले मामले में एक डिप्टी जेलर के खिलाफ भी कार्रवाई की जा चुकी है। उन पर जेल में बंद आरोपियों को विशेष सुविधाएं देने के आरोप लगे थे, जिसके बाद उन्हें पद से हटा दिया गया था।

गौरतलब है कि 12 मई को ट्विशा शर्मा का शव उनके ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। परिवार ने शुरुआत से ही आत्महत्या की थ्योरी पर सवाल उठाए और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर असंतोष जताते हुए परिजनों ने दोबारा पोस्टमार्टम कराने की अनुमति मांगी थी, जिसके बाद मामला उच्च न्यायालय और फिर CBI जांच तक पहुंचा।

वर्तमान में मामले के मुख्य आरोपी समर्थ सिंह और उनकी मां गिरीबाला न्यायिक हिरासत में हैं। दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी जांच एजेंसियों को सौंप दी गई है और अब आगे की जांच उसी के आधार पर जारी है। मामले से जुड़े हर नए तथ्य पर जांच एजेंसियां बारीकी से नजर बनाए हुए हैं।

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