UP News : आनंदीबेन पटेल के बयान पर छिड़ी बहस, लव मैरिज और करियर को लेकर कही ये बड़ी बात

UP News : यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने AKTU दीक्षांत समारोह में लव मैरिज, करियर और सामाजिक जिम्मेदारी पर बयान दिया। उनके बयान पर सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने आपत्ति जताई। जानिए पूरा मामला।

UP News : उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के एक बयान को लेकर राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) के दीक्षांत समारोह में छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने युवाओं को करियर और जिम्मेदारी को प्राथमिकता देने की सलाह दी। उनके बयान के कुछ हिस्सों को लेकर विपक्ष ने आपत्ति जताई है।

राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि कई बार लड़के-लड़कियां घर छोड़कर चले जाते हैं। इसके बाद कई मामलों में लड़कियां गर्भवती हो जाती हैं और बाद में न तो परिवार उनका साथ देता है और न ही बच्चों को अपनाया जाता है। ऐसी परिस्थितियों में सरकार को उनकी देखभाल की जिम्मेदारी उठानी पड़ती है और बच्चों को बाल गृह भेजना पड़ता है। उन्होंने छात्रों से कहा कि जीवन में ऐसा कदम उठाने से पहले भविष्य और जिम्मेदारियों के बारे में गंभीरता से सोचें।

करियर बनाने के बाद शादी की सलाह

आनंदीबेन पटेल ने अपने परिवार का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने अपने बेटे से कहा था कि यदि उसे अपनी पसंद की लड़की मिले तो वह जरूर बताए, लेकिन पहले अपने करियर में आत्मनिर्भर बने। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह लव मैरिज के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन युवाओं को पहले शिक्षा, रोजगार और जिम्मेदारियों को समझना चाहिए।

संवेदनशील समाज की जरूरत पर दिया जोर

राज्यपाल ने अपने संबोधन में एक बच्ची के साथ हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि समाज में करुणा और संवेदनशीलता होगी तो ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी।

उन्होंने एक प्रेरक उदाहरण भी साझा किया। उनके अनुसार, जन्म के बाद परित्यक्त एक नवजात बच्ची को एक सब्जी विक्रेता ने अपनाया, उसका पालन-पोषण किया और शिक्षा दिलाई। बाद में वही बच्ची भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में चयनित हुई। राज्यपाल ने कहा कि यह उदाहरण बताता है कि संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच किसी का भी भविष्य बदल सकती है।

सपा सांसद ने जताई आपत्ति

राज्यपाल के बयान पर समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तरह की टिप्पणी छात्राओं और महिलाओं के प्रति उचित संदेश नहीं देती। उन्होंने कहा कि समाज में प्रेरणादायक उदाहरणों को आगे बढ़ाया जाना चाहिए और सार्वजनिक मंचों से ऐसे शब्दों के प्रयोग से बचना चाहिए, जो विवाद का कारण बनें।

क्यों चर्चा में है मामला?

राज्यपाल के बयान का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। समर्थकों का कहना है कि उनका उद्देश्य युवाओं को जिम्मेदार जीवन जीने की सीख देना था, जबकि विपक्ष का आरोप है कि बयान की भाषा और उदाहरणों को लेकर सावधानी बरती जानी चाहिए। इसी वजह से यह मामला राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन गया है।

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