US-Iran War: अमेरिकी हमले के बाद ईरान का पलटवार, बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल-द्रोन हमले का दावा
ईरान ने अमेरिकी हमलों के जवाब में कुवैत और बहरीन के चार सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना, खाड़ी देशों में बढ़ा हाई अलर्ट।
US-Iran War: मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के जवाब में कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है। ईरान की इस कार्रवाई के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं।
ईरान का दावा- चार अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के अनुसार, अमेरिकी हमलों के जवाब में कुवैत और बहरीन में स्थित चार अहम अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। ईरानी मीडिया के मुताबिक, कुवैत के आरिफजान (Arifjan) और अली अल सलेम (Ali Al Salem) एयर बेस, जबकि बहरीन के जुफैर (Juffair) और शेख ईसा (Sheikh Isa) एयर बेस पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया गया।
IRGC ने दावा किया कि इन ठिकानों के महत्वपूर्ण सैन्य इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया है।
हमले के बाद बहरीन और कुवैत में हाई अलर्ट
ईरान के दावों के बाद बहरीन और कुवैत में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गईं। दोनों देशों में एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए और कई इलाकों में एयर रेड सायरन बजाए गए। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से घरों के भीतर रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की।
IRGC ने जारी किया वीडियो
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने हमले का एक वीडियो भी जारी किया है। वीडियो में बहरीन स्थित अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय के आसपास धुआं और आग दिखाई देने का दावा किया गया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और अमेरिकी अधिकारियों की ओर से तत्काल विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कैसे बढ़ा अमेरिका-ईरान तनाव?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हालिया तनाव तब बढ़ा जब होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन वाणिज्यिक जहाजों पर हमला हुआ। इसके बाद अमेरिका ने ईरान के कई शहरों में सैन्य कार्रवाई की। ईरान का कहना है कि कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर हमला उसी कार्रवाई का जवाब है।
ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि उनका देश किसी भी सैन्य कार्रवाई का जवाब देने में सक्षम है और अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा।
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ी चिंता
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर पूरे खाड़ी क्षेत्र पर पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच टकराव नहीं थमा, तो इसका असर वैश्विक व्यापार, तेल आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल दुनिया की नजर अमेरिका की अगली प्रतिक्रिया और इस बात पर टिकी है कि क्या यह तनाव सीमित रहेगा या फिर मिडिल ईस्ट एक बड़े सैन्य संघर्ष की ओर बढ़ेगा।



