International News: खामेनेई के अंतिम संस्कार के बीच ईरान पर अमेरिका के बड़े हमले, 90 सैन्य ठिकाने बने निशाना; 14 की मौत, 78 घायल
युद्धविराम खत्म होने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ गया है। ईरान ने अमेरिकी हवाई हमलों में 14 लोगों के मारे जाने और 78 लोगों के घायल होने का दावा किया है
International News: मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव लगातार गहराता जा रहा है। हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच हमलों का सिलसिला तेज हो गया है। इसी बीच, ईरान ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने दो दिनों के भीतर उसके कई सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए, जिनमें 14 लोगों की मौत हुई और 78 लोग घायल हुए हैं।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब ईरान अपने पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटा था। ऐसे में हमलों ने पूरे क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है।
ईरान का दावा- दो दिनों में कई प्रांतों पर हमला
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, 8 और 9 जुलाई को हुए अमेरिकी हमलों में कई प्रांत प्रभावित हुए। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 78 घायलों में से 47 लोगों का इलाज अस्पतालों में चल रहा है, जबकि अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
ईरान का कहना है कि हमले चाबहार, बंदर अब्बास, अबू मूसा द्वीप और बुशहर जैसे महत्वपूर्ण इलाकों में किए गए।
अमेरिका ने कई सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
ईरानी मीडिया के अनुसार, अमेरिकी सेना ने लगातार दूसरे दिन व्यापक हवाई अभियान चलाया। रिपोर्टों में दावा किया गया कि बुधवार को लगभग 90 सैन्य ठिकानों और उससे पहले मंगलवार को 80 ठिकानों को निशाना बनाया गया।
कुछ स्थानीय रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि गोलेस्तान प्रांत में रेलवे पुलों सहित अन्य रणनीतिक ढांचों पर भी हमले हुए।
CENTCOM ने जारी किया ऑपरेशन का वीडियो
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सैन्य कार्रवाई की पुष्टि करते हुए अभियान से जुड़े वीडियो जारी किए हैं। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना था, जो क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय नौवहन के लिए खतरा बन सकती हैं।
ईरान की जवाबी कार्रवाई
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने भी जवाबी कदम उठाने का दावा किया है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने बहरीन, कुवैत और कतर में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही है।
हालांकि इन देशों की ओर से अब तक किसी बड़े नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। कुवैत ने कहा है कि उसकी सुरक्षा एजेंसियां संभावित ड्रोन और मिसाइल खतरों को रोकने के लिए सक्रिय हैं, जबकि बहरीन में एयर रेड अलर्ट जारी किया गया।
बढ़ता तनाव, बढ़ती चिंता
युद्धविराम समाप्त होने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं। दोनों देशों की आक्रामक कार्रवाई ने पूरे पश्चिम एशिया में अस्थिरता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द नहीं संभले तो इसका असर क्षेत्रीय सुरक्षा के साथ-साथ वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल दोनों देशों की ओर से कड़े बयान और सैन्य कार्रवाई जारी है, जिससे आने वाले दिनों में हालात और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।



