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अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के हवाई हमलों की भारत ने की निंदा, कहा- यह संप्रभुता पर सीधा हमला

भारत ने अफगानिस्तान में पाकिस्तान द्वारा किए गए हालिया हवाई हमलों की कड़ी आलोचना करते हुए इसे एक गंभीर और चिंताजनक घटना बताया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि किसी भी देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए और इस प्रकार की सैन्य कार्रवाई क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता के लिए खतरा पैदा करती है।

भारत की प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब अफगानिस्तान के कई इलाकों में हुए हवाई हमलों के बाद बड़ी संख्या में नागरिक हताहत होने की खबरें सामने आई हैं।

भारत ने जताई गहरी चिंता

विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि अफगानिस्तान में हुए हवाई हमलों में आम नागरिकों के मारे जाने और घायल होने की खबरें बेहद चिंताजनक हैं। भारत ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

भारत का कहना है कि किसी भी परिस्थिति में निर्दोष नागरिकों की जान जाना गंभीर चिंता का विषय है और ऐसे घटनाक्रमों से क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ सकती है।

अफगानिस्तान में भारी नागरिक नुकसान का दावा

काबुल स्थित तालिबान प्रशासन के अनुसार, पाकिस्तान के हवाई हमलों में कम से कम 36 लोगों की मौत हुई है, जबकि 163 अन्य घायल हुए हैं। दावा किया गया है कि मृतकों और घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, हमले अफगानिस्तान के पूर्वी प्रांतों पक्तिया, पक्तिका और कुनार में किए गए। इनमें से सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में पक्तिया प्रांत का चमकनी जिला बताया जा रहा है, जहां एक रिहायशी घर पर हमला होने की सूचना है।

घरों को भी हुआ नुकसान

तालिबान अधिकारियों ने दावा किया है कि हवाई हमलों के कारण कई घर पूरी तरह नष्ट हो गए। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि एक हमले के बाद स्थानीय लोग जब बचाव कार्य के लिए पहुंचे, तब क्षेत्र में दोबारा हमला हुआ, जिससे हताहतों की संख्या और बढ़ गई।

हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।

पाकिस्तान ने दिया सैन्य कार्रवाई का पक्ष

दूसरी ओर पाकिस्तान ने अपनी सैन्य कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा है कि यह अभियान खुफिया सूचनाओं के आधार पर चलाया गया था। इस्लामाबाद का दावा है कि हाल के महीनों में पाकिस्तान के विभिन्न हिस्सों में बढ़ी आतंकी गतिविधियों के जवाब में यह कदम उठाया गया।

पाकिस्तान का कहना है कि उसकी सुरक्षा एजेंसियां देश के भीतर सक्रिय उग्रवादी नेटवर्कों के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा उसके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है।

क्षेत्रीय तनाव के बीच बढ़ी चिंता

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संबंधों में तनाव कम करने के लिए विभिन्न स्तरों पर बातचीत की कोशिशें जारी थीं। दोनों देशों के बीच सीमा सुरक्षा, आतंकवाद और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर लंबे समय से मतभेद बने हुए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया सैन्य कार्रवाई से दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली की प्रक्रिया को झटका लग सकता है।

भारत ने दोहराया अफगानिस्तान के समर्थन का रुख

भारत ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि वह अफगानिस्तान की संप्रभुता, स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता के समर्थन में खड़ा है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता के लिए सभी पक्षों को संयम बरतना चाहिए और विवादों का समाधान संवाद के माध्यम से तलाशना चाहिए।

आगे की स्थिति पर दुनिया की नजर

अफगानिस्तान में हुए हवाई हमलों और उसके बाद बढ़े कूटनीतिक तनाव पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है। नागरिक हताहतों की खबरों ने मानवीय चिंताओं को भी बढ़ा दिया है।

आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दोनों देशों की सरकारें स्थिति को कैसे संभालती हैं और क्षेत्रीय शांति बनाए रखने के लिए कौन से कदम उठाए जाते हैं।

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