UP News: सहारनपुर की भैंस ‘गार्गी’ ने बनाया रिकॉर्ड, पूरे यूपी में सबसे ज्यादा दिया दूध

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के मोहम्मदपुर गांव की मुर्रा नस्ल की भैंस ‘गार्गी’ ने बड़ा रिकॉर्ड बनाया है। गार्गी ने पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा दूध उत्पादन कर पहला स्थान हासिल किया है। इसकी उपलब्धि के बाद गांव में खुशी का माहौल है।

गार्गी ने प्रतिदिन 23.375 लीटर दूध देकर नया रिकॉर्ड बनाया। इस प्रदर्शन ने पशुपालन क्षेत्र में नई मिसाल पेश की है।

परिवार को किया गया सम्मानित

गार्गी के मालिक पूर्व जिला पंचायत सदस्य चौधरी विक्रम सिंह और उनके परिवार को इस उपलब्धि के लिए सम्मानित किया गया। उत्तर प्रदेश कृषि एवं पशुपालन संघ और पशु चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम गांव पहुंची और ट्रॉफी देकर सम्मान किया।

इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे। लोग गार्गी को देखने के लिए दूर-दूर से पहुंचे।

मुर्रा नस्ल की खास भैंस है गार्गी

गार्गी मुर्रा नस्ल की करीब चार साल की भैंस है। इसकी ऊंचाई लगभग साढ़े पांच फीट बताई जा रही है। परिवार का कहना है कि इतना बड़ा आकार बहुत कम देखने को मिलता है।

दिसंबर के आखिरी सप्ताह में लखनऊ की टीम ने गार्गी का दूध उत्पादन परीक्षण किया था। इसका लाइव टेलीकास्ट भी किया गया। हाल ही में जारी नतीजों में गार्गी पूरे उत्तर प्रदेश में पहले स्थान पर रही।

प्रतियोगिता में दूसरे स्थान की भैंस ने 21.700 लीटर और तीसरे स्थान की भैंस ने 21.200 लीटर दूध दिया।

15 साल की मेहनत से मिली सफलता

गार्गी के मालिक परिवार का कहना है कि इस सफलता के पीछे कई वर्षों की मेहनत है। शेखर चौहान ने बताया कि उनके पिता विक्रम सिंह पिछले करीब 15 साल से अच्छी नस्ल विकसित करने पर काम कर रहे हैं।

उन्होंने बाहर से महंगे पशु खरीदने के बजाय अपनी नस्ल को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया। गार्गी का टीकाकरण हरियाणा के प्रसिद्ध मुर्रा भैंसे ‘भीम’ से कराया गया था।

20 लाख तक लगी कीमत

परिवार के मुताबिक कई लोगों ने गार्गी की कीमत 20 लाख रुपये तक लगाई, लेकिन उन्होंने इसे बेचने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि गार्गी अब परिवार की पहचान बन चुकी है।

परिवार ने साफ कहा कि वे इसके बच्चे जरूर दे सकते हैं, लेकिन गार्गी को कभी नहीं बेचेंगे।

पशुपालकों के लिए बनी प्रेरणा

गार्गी की सफलता अब दूसरे पशुपालकों के लिए भी प्रेरणा बन रही है। गांव के लोग इसे मेहनत और सही देखभाल का परिणाम मान रहे हैं।

Related Articles

Back to top button