UP News : ‘बच्चों को मजबूत, अनुशासित और आत्मनिर्भर बनाएं,’ अंशकालिक अनुदेशकों के सम्मान समारोह में बोले सीएम योगी
UP News : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में अंशकालिक अनुदेशकों के सम्मान समारोह में 20 हजार नए शिक्षकों और अनुदेशकों की भर्ती का ऐलान किया। अनुदेशकों का मानदेय 17 हजार रुपये प्रतिमाह किया गया।
UP News : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार बेसिक शिक्षा परिषद की व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए 20 हजार नए शिक्षक और अनुदेशकों की नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मनिर्भरता और संस्कार भी दिए जाने चाहिए।
मुख्यमंत्री रविवार को लोकभवन सभागार में आयोजित 24,717 अंशकालिक अनुदेशकों के सम्मान समारोह एवं बढ़े हुए मानदेय के चेक वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
10 हजार शिक्षकों का अधियाचन भेजा गया
सीएम योगी ने बताया कि 10 हजार नए शिक्षकों का अधियाचन शिक्षा सेवा चयन आयोग को भेजा जा चुका है। साथ ही उच्च प्राथमिक विद्यालयों में नए अनुदेशकों की भर्ती भी की जाएगी, जिससे छात्र-शिक्षक अनुपात बेहतर होगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और इसी उद्देश्य से शिक्षा आयोग का गठन किया गया है।
अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाकर 17 हजार रुपये
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2011-12 में नियुक्त अंशकालिक अनुदेशकों को लंबे समय तक मानदेय वृद्धि का लाभ नहीं मिला। वर्ष 2022 में सरकार ने 2 हजार रुपये की वृद्धि की थी, लेकिन अब सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाकर 17 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया है।
इसके साथ ही अनुदेशकों और उनके परिवारों को 5 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा कवर भी दिया जाएगा।
सभी अनुदेशक कराएं पोर्टल पर पंजीकरण
सीएम योगी ने निर्देश दिए कि सभी अनुदेशक बेसिक शिक्षा परिषद के पोर्टल पर तत्काल पंजीकरण कराएं, ताकि उन्हें जल्द स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराए जा सकें।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के लगभग 1.43 लाख शिक्षामित्रों, 24 हजार से अधिक अनुदेशकों और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को सामाजिक और स्वास्थ्य सुरक्षा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।
बच्चों की प्रतिभा पहचानने पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर बच्चा किसी न किसी प्रतिभा के साथ जन्म लेता है। कोई खेल में बेहतर होता है तो कोई कला और विज्ञान में। शिक्षकों और अनुदेशकों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों की प्रतिभा को पहचानें और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दें।
उन्होंने कहा कि बच्चों को दबाने की नहीं, बल्कि प्रेरित करने की जरूरत है। आत्म अनुशासन, समय पालन और स्वच्छता शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होना चाहिए।
‘ऑपरेशन कायाकल्प’ बना सफलता की मिसाल
सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 में सरकार बनने के समय बेसिक शिक्षा परिषद की स्थिति खराब थी, लेकिन ‘स्कूल चलो अभियान’ और ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के जरिए व्यापक बदलाव लाया गया।
उन्होंने बताया कि आज प्रदेश के 96 प्रतिशत बेसिक विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं और ड्रॉपआउट दर घटकर लगभग 3 प्रतिशत रह गई है। सरकार का लक्ष्य इसे शून्य तक पहुंचाना है।
गरीब बच्चों के लिए आधुनिक स्कूल
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों और निराश्रित बच्चों के लिए 18 अटल आवासीय विद्यालय स्थापित किए गए हैं, जहां 18 हजार बच्चों के रहने और पढ़ाई की व्यवस्था है।
इसके अलावा हर जिले में मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय विकसित किए जा रहे हैं, जहां प्री-प्राइमरी से 12वीं तक की आधुनिक शिक्षा, खेलकूद और स्किल डेवलपमेंट की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
उन्होंने कहा कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों का विस्तार भी तेजी से किया जा रहा है।
कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यदि कोई बच्चा शिक्षा से वंचित रह जाता है तो उसका प्रभाव पूरे समाज और राष्ट्र पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश शिक्षा क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और यह बदलाव भविष्य के भारत की मजबूत नींव तैयार करेगा।



