International News: होर्मुज पर टोल वसूलेगा ईरान? दोहा वार्ता में अमेरिका ने जताई आपत्ति, जानिए क्या-क्या हुआ
दोहा में अमेरिका-ईरान की अप्रत्यक्ष वार्ता बेनतीजा रही, लेकिन 14 सूत्रीय एजेंडे पर बातचीत जारी रखने पर सहमति बनी। होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की नई शर्तों को अमेरिका ने खारिज कर दिया।
International News: कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच दो दिनों तक चली अप्रत्यक्ष वार्ता फिलहाल किसी स्थायी समझौते पर नहीं पहुंच सकी। हालांकि दोनों देशों ने बातचीत को सकारात्मक बताते हुए इसे आगे जारी रखने पर सहमति जताई है। बैठक में सबसे बड़ा विवाद होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) पर ईरान के नियंत्रण और वहां से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूली के प्रस्ताव को लेकर सामने आया।
होर्मुज पर क्या चाहता है ईरान?
वार्ता के दौरान ईरान ने मांग रखी कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर उसके नियंत्रण को मान्यता दी जाए। ईरान ने कहा कि सुरक्षा कारणों से वह जहाजों की आवाजाही को नियंत्रित करने, जरूरत पड़ने पर जहाजों को रोकने और अगस्त के मध्य से इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों से शुल्क वसूलने का अधिकार चाहता है।
अमेरिका ने क्यों जताई आपत्ति?
अमेरिका ने ईरान की इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग है, जहां सभी देशों के जहाजों को बिना किसी बाधा के आवाजाही का अधिकार है। अमेरिका का स्पष्ट रुख है कि किसी एक देश को यहां टोल वसूलने या जहाजों की आवाजाही रोकने का अधिकार नहीं दिया जा सकता।
ओमान के पास वैकल्पिक समुद्री मार्ग का प्रस्ताव
बैठक के दौरान अमेरिका ने ओमान के निकट एक वैकल्पिक समुद्री मार्ग विकसित करने का सुझाव भी रखा, ताकि जरूरत पड़ने पर जहाज उस रास्ते का इस्तेमाल कर सकें। हालांकि ईरान ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
फ्रीज संपत्ति पर बनी सहमति
बातचीत के दौरान कुछ मुद्दों पर प्रगति भी हुई। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने बताया कि अमेरिका ने ईरान की लगभग 6 अरब डॉलर की फ्रीज संपत्ति का कुछ हिस्सा जारी करने पर सहमति जताई है। इस धनराशि का उपयोग ईरान मानवीय जरूरतों और आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए कर सकेगा।
अगली बैठक कब होगी?
हालांकि इस दौर की वार्ता किसी अंतिम समझौते तक नहीं पहुंची, लेकिन दोनों देशों ने बातचीत जारी रखने का फैसला किया है। अगला दौर ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई के जनाजे के बाद आयोजित किया जाएगा।
क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक है। वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का तनाव या प्रतिबंध अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और वैश्विक व्यापार पर सीधा असर डाल सकता है।
Written By: Ekta Verma



