International News: लंदन में गूंजे PoK की आजादी के नारे, JAAC ने पाकिस्तान को दी बड़ी चेतावनी, 9 जुलाई के बाद आंदोलन तेज करने का ऐलान
ब्रिटेन की राजधानी लंदन में हजारों प्रदर्शनकारियों ने PoK के समर्थन में मार्च निकालकर पाकिस्तान सरकार के खिलाफ नारे लगाए। वहीं JAAC ने गिरफ्तार नेताओं की रिहाई की मांग दोहराते हुए 9 जुलाई के बाद आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी।
International News: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में जारी विरोध प्रदर्शनों की गूंज अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुनाई देने लगी है। ब्रिटेन की राजधानी लंदन में हजारों लोगों ने विशाल मार्च निकालकर PoK की आजादी के समर्थन में आवाज बुलंद की। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के खिलाफ नारे लगाए और आंदोलन से जुड़े नेताओं की गिरफ्तारी पर कड़ा विरोध जताया।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने पार्लियामेंट स्क्वायर से पाकिस्तान हाई कमीशन तक मार्च किया। इस दौरान ‘जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी’ (JAAC) के नेताओं की रिहाई की मांग की गई और PoK में कथित दमनकारी कार्रवाई की आलोचना की गई।
PoK में भी जारी है विरोध प्रदर्शन
लंदन में हुए मार्च से पहले PoK के कई इलाकों में भी बड़े पैमाने पर प्रदर्शन देखने को मिले। मीरपुर और पुंछ डिवीजन समेत विभिन्न क्षेत्रों में लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि आंदोलन को दबाने के लिए प्रशासन द्वारा आवश्यक वस्तुओं और दवाइयों की आपूर्ति प्रभावित की जा रही है, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
JAAC लगातार अपने गिरफ्तार नेताओं और कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग कर रहा है। संगठन का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा।
JAAC की पाकिस्तान सरकार को चेतावनी
JAAC ने पाकिस्तान सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि आंदोलन को दबाने के प्रयास सफल नहीं होंगे। संगठन के नेताओं ने दावा किया कि 9 जुलाई के बाद आंदोलन को नई दिशा दी जाएगी और आगे की रणनीति जल्द घोषित की जाएगी।
संगठन ने समर्थकों से आगामी कार्यक्रमों के लिए तैयार रहने की अपील करते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शन और जनआंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। साथ ही यह भी कहा गया कि गिरफ्तारी और बल प्रयोग से आंदोलन की रफ्तार नहीं रुकेगी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रहा मुद्दा
लंदन में हुए प्रदर्शन के बाद PoK का मुद्दा एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय चर्चा में आ गया है। प्रवासी समुदाय और मानवाधिकार कार्यकर्ता क्षेत्र में हालात पर चिंता जता रहे हैं। हालांकि पाकिस्तान सरकार की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि PoK में विरोध प्रदर्शन लगातार बढ़ते रहे और विदेशों में भी इसी तरह समर्थन मिलता रहा, तो यह मुद्दा आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अधिक प्रमुखता से उठ सकता है।



