UP Mau News: भरत तिवारी का एनकाउंटर पुलिसिया मुठभेड़ नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या: एडवोकेट सतीश कुमार पाण्डेय

मऊ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अधिवक्ता ने की न्यायिक या सीबीआई जांच की मांग, पुलिस कार्रवाई पर उठाए गंभीर सवाल।

Bharat Tiwari Encounter News: बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव निवासी सामाजिक कार्यकर्ता भरत भूषण तिवारी की कथित पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत को लेकर देशभर में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में जनपद मऊ के अधिवक्ता एवं ‘एक संदेश’ के ब्यूरो चीफ एडवोकेट सतीश कुमार पाण्डेय ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने पूरे घटनाक्रम को कानून की धज्जियां उड़ाने वाला और राज्य प्रायोजित हत्या का मामला बताया है।

मऊ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए एडवोकेट सतीश कुमार पाण्डेय ने कहा कि भरत तिवारी का एनकाउंटर कोई वास्तविक पुलिस मुठभेड़ नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या है। उन्होंने कहा,

“जब किसी नागरिक द्वारा आत्मसमर्पण (सरेंडर) करने की बात सामने आ रही हो और सोशल मीडिया पर उसके साक्ष्य मौजूद हों, तब पुलिस द्वारा कानून को अपने हाथ में लेकर गोली मार देना सीधे तौर पर भारतीय न्याय प्रणाली की हत्या है। एनकाउंटर के नाम पर इस तरह की बर्बरता को कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता।”

अधिवक्ता पाण्डेय ने यह भी कहा कि घटना के बाद जनता के भारी दबाव और चौतरफा विरोध के चलते पुलिस को अपने ही अधिकारियों—एसडीपीओ, एसएचओ तथा अन्य पुलिसकर्मियों—के खिलाफ हत्या (बीएनएस की सुसंगत धाराओं के तहत) की चौथी प्राथमिकी दर्ज करनी पड़ी। उनके अनुसार, यह स्वयं पुलिस की कार्रवाई और उसके दावों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

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उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय न्यायिक जांच अथवा केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराई जाए, ताकि इस कथित ‘स्टेट स्पॉन्सर्ड’ हत्या के पीछे के वास्तविक तथ्यों का पता चल सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।

मऊ के लीगल सेल तथा प्रबुद्ध समाज के लोगों ने भी एडवोकेट सतीश कुमार पाण्डेय के बयान का समर्थन करते हुए दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

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